कोरोनोवायरस के कारण मृत्यु क्यों बढ़ रही है

देश भर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है देश की अधिकतम राज्य में ऑक्सीजन के सप्लाई को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, ना जाने कितनी लोगों की मौत ऑक्सीजन कि किल्लतो की वजह से हो रही है डॉक्टर तथा मरीजों की अफरा-तफरी मच रही है तथा सोशल मीडिया पर भी हड़कंप मचा हुआ है सरकार की इस व्यवस्था को देखकर लोगो द्वारा सरकार को खरी खोटी सुनाई जा रही है

कॉरोना वायरस आज सें नहीं बल्कि पिछले साल से हैं, तो सरकार ने इन बातों पर विचार क्यों नहीं किया

  • डॉक्टर तथा नर्सो की कमी।
  • वार्डो या कोविड सेंटर की कमी।
  • फंड का सही इस्तेमाल न होना।
  • ऑक्सीजन प्लांट की कमी।

 

कोरोनावायरस का प्रभाव

 कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए भारत सरकार ने कई राज्यों में कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना संक्रमितों की संख्या थम नहीं रहा हैं।

 हाल ही में दुनिया में पिछले कुछ दिनों में 56.51लाख नए मरीज मिले हैं, जिसमें हम भारत की बात करे तो 19.7 लाख यानि 39%मरीज मिले हैं। तथा रिकवरी रेट 83.9%हैं जहां मध्यप्रदेश की बात करे तो रिकवरी रेट 80.43% हैं।

जिस तरह भारत में प्रतिदिन मरीजों कि संख्या लगातार बढ़ रहा है ठीक उसी प्रकार मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर तथा बेड की किल्लत का सामना करना पड़ रहा हैं।

जैसे कई अस्पतालों में बेड फुल हैं तो कई राज्यो में ऑक्सीजन का ट्रांसपोर्ट नहीं हो रहा हैं तो कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में कमी हो रही हैं, जिससे कई मरीज अपनी जान से हाथ धो बैठ रहे हैं।

बीते कुछ दिनों में अस्पतालों में ऑक्सीजन की  भारी कमी के कारण भारत देश को कई घटनाओं का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं इनमें से कुछ घटनाओं के बारे में:-

    • 21 अप्रैल दिन बुधवार महाराष्ट्र के नासिक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक लीक होने की वजह से 11 महिलाओं समेत 24 कोरोना मरीजों की मौत हो गई।
  • 23 अप्रैल दिन शुक्रवार भारत की राजधानी नई दिल्ली के गंगाराम के अस्पताल में 25 कोरोना मरीजों की भयावह मौत हो गई ,कारण ऑक्सीजन का पर्याप्त मात्रा में ना होना।
  • दिल्ली के ग्लैक्सी हॉस्पिटल में पांच कोरोना मरीजों ने ऑक्सीजन की आपूर्ति से दम तोड़ा।
  • दिल्ली के जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में 24अप्रैल  को 25लोगों ने ऑक्सीजन की कमी की वजह से उस दिन आखिरी सांस ली।
  • 24 अप्रैल अमृतसर के नीलकंठ अस्पताल में  6 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
  • मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में 18 अप्रैल दिन रविवार को शासकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड आईसीयू  में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा सप्लाई  न होने से 16 कोरोना मरीजों के मौत ने दस्तक दे दी।
  • महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में 23 अप्रैल 2021 को विजय वल्लभ अस्पताल की आईसीयू में आग लगने से 14 कोरोना मरीजों की मौत  हो गई।

इस के अलावा भी कई राज्यो में मौतें ने दस्तक दी हैं।

देश की इस भयावह स्थिति को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने कुछ दावा किए हैं:-

  • 25 अप्रैल दिन रविवार, पीएम केयर फंड से हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगने का ऐलान किया है।  देश के 551जिलों में  मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्रेशर स्विंग एडजाबर्शन प्लांट्स लगाने के लिए फंड जारी किया गया हैं।
  • मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र की स्थापना होगी ।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति ने मंजूरी दी है, इसकी कुल लागत एक करोड़ 2 लाख 39463 रुपए हैं।
  • देश की गंभीर परिस्थितियों को मद्देनजर नजर रखते हुए 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी व्यक्तियों को कोरोना की वैक्सीन लगने की मंजूरी दे दी गई है।
  • हाल ही में उड़ीसा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक जी ने जिन्होंने पिछले 48 घंटों में यूपी, एमपी, दिल्ली ,हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना तथा अन्य राज्यो में 510मीट्रिक टन ऑक्सीजन के करीब 29 टैंकर रवाना किए हैं।

कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कई उद्योगपतियों ने इन हालातों से उभरने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है।

  • देश के ऊपर आए इस संकट काल में टाटा समूह की तरफ से हालातों को सुधारने के लिए अपना सहयोग दिए हैं।

टाटा स्टील के द्वारा 200-300 टन लिक्विड ऑक्सीजन प्रतिदिन राज्य सरकार,तथा अस्पतालों में भेजा जा रहा हैं।

  • रिलाइंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी के उद्योगपति मुकेश अंबानी ने प्रतिदिन 700 टन से अधिक चिकत्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है तथा देश के प्रभावित राज्यो में मुफ्त में ऑक्सीजन दी जा रही हैं।
  • इसके अलावा कई उद्योगपतियों जैसे JSWsteel,  JSPL कॉरपोरेटसरकारी कंपनी SAIL, indion oil, BPCL और ऑर्सेलर मित्तल भी ने इस दयनीय स्थिति में अपना सहयोग दिया है।

“मरीजों के जान गवाने का आंकड़ा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा हैं हर तरफ परिवार में अपनों की मौत की चीखे सुनाई दे रही है, कोरोना हर तरफ हाहाकार मचा कर रखा है इसलिए जरूरी है कि हम हर संभव कोशिश जैसे मास्क पहनकर, सामाजिक दूरी बनाकर ,बार बार साबुन से हाथ धुलकर, संतुलित आहार लेकर सकारात्मक सोच तथा इस बीमारी से बचने का प्रयास कर सकते हैं।”

 

Frequently Asked Question

भारत में मृत्यु दर पर कोविड -19 का प्रभाव

देश भर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है देश की अधिकतम राज्य में ऑक्सीजन के सप्लाई को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, ना जाने कितनी लोगों की मौत ऑक्सीजन कि किल्लतो की वजह से हो रही है डॉक्टर तथा मरीजों की अफरा-तफरी मच रही है तथा सोशल मीडिया पर भी हड़कंप मचा हुआ है सरकार की इस व्यवस्था को देखकर लोगो द्वारा सरकार को खरी खोटी सुनाई जा रही है।

उच्च मृत्यु दर के कारण क्या हैं

1. डॉक्टर तथा नर्सो की कमी।
2. वार्डो या कोविड सेंटर की कमी।
3. फंड का सही इस्तेमाल न होना।
4. ऑक्सीजन प्लांट की कमी।


क्या कोविड मामले घट रहे हैं?

कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए भारत सरकार ने कई राज्यों में कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना संक्रमितों की संख्या थम नहीं रहा हैं।

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